Author: Robert

अंतरंगता के रंगअंतरंगता के रंग

कलाएँ मानव सभ्यता की समृद्धि का पैमाना होती हैं और समय को जाँचने-परखने वाली आँख भी। अक्सर आलोचक-समीक्षक अपनी सुविधा की दृष्टि से कलाओं को चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, साहित्य आदि

एक आधे-अधूरे में पूरा अभिसारएक आधे-अधूरे में पूरा अभिसार

मगर कुछ तो है” का यह रेटरिक चेतन का तो क़तई प्रतीत नहीं होता। बारहां अपनी चेतनावस्था से अवचेतनावस्था और चेतनाशून्यता का रहस्य क्या है? इतिहास और देह से बाहर